मध्यप्रदेश शासनश्रीकृष्ण पाथेय न्यासश्रीकृष्ण पाथेय न्याससंस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन
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श्रीकृष्ण पाथेय न्यास

राष्ट्र में नव जागरण तथा उत्कर्ष के लिये भारत वर्ष और विश्व के पथ प्रदर्शक, युगावतार भगवान श्रीकृष्ण द्वारा उज्जैन, मध्यप्रदेश को केन्द्र में रख कर की गई यात्रा के विभिन्न स्थलों के पुरान्वेषण तथा उन्हें तीर्थ के रुप में विकसित करने तथा सम्बन्धित क्षेत्रों के साहित्य, संस्कृति का संरक्षण, संवर्धन करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की स्थापना की गयी।

श्रीकृष्ण पाथेय न्यास

न्यास के उद्देश्य

  • 01मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण की यात्राओं से जुड़े स्थलों की पहचान, विकास, संरक्षण तथा उनका अभिलेखन, फ़ोटोग्राफ़ी, फ़िल्मांकन एवं चित्रांकन।
  • 02इन स्थलों के मंदिरों, जल संरचनाओं, वन संपदा एवं उद्यानों का संरक्षण तथा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार।
  • 03उज्जैन में 14 विद्याओं एवं 64 कलाओं की औपचारिक शिक्षा हेतु सांदीपनि गुरुकुल की स्थापना।
  • 04सभागार, सामुदायिक भवन तथा धर्मशालाओं का निर्माण एवं संचालन।
  • 05शिक्षा, संस्कृति, कृषि तथा गौ एवं पशुधन पालन की विरासत का विकास।
  • 06नई पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण की कथा एवं यात्रा स्थलों से भावनात्मक तथा अनुभवात्मक रूप से जोड़ना।
  • 07पर्यटकों, शोधार्थियों, युवाओं एवं विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय, संग्रहालय तथा सूचना केंद्रों की स्थापना।
  • 08उन ऋषियों, संतों, विचारकों, कवियों, लेखकों, कलाकारों एवं वैज्ञानिकों के योगदान का अभिलेखन जिन्होंने श्रीकृष्ण को जगद्गुरु के रूप में स्थापित किया।

गुरू सांदीपनि और श्रीकृष्‍ण

भगवान श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व केवल उनकी लीलाओं और पराक्रम से नहीं, बल्कि महर्षि सांदीपनि के आश्रम में प्राप्त शिक्षा, संस्कार और अनुशासन से पूर्ण हुआ। वहीं उन्होंने 14 विद्याओं, 64 कलाओं तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के माध्यम से विवेक, सेवा, धैर्य, कर्तव्य, राष्ट्र-भक्ति और नेतृत्व का पाठ सीखा। यही गुरु–शिष्य परंपरा उनके जीवन की सबसे बड़ी शक्ति बनी और आगे चलकर उन्हें जगद्गुरु के रूप में प्रतिष्ठित किया।

इसी आदर्श पर आधारित भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति प्रतियोगिता विद्यार्थियों को 14 विद्याओं, 64 कलाओं और भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्ययन के लिए प्रेरित कर ज्ञान, संस्कृति और संस्कार से जुड़े राष्ट्रनिर्माण के मूल्यों को सुदृढ़ करने का प्रयास है।

ज्योतिर्मय ब्रह्मांड का प्रतीकात्मक चित्र
कार्यालयश्रीकृष्ण पाथेय न्यास, प्रथम तल, रवीन्द्र भवन सभागम, पॉलिटेक्निक चौराहा, भोपाल, मध्यप्रदेश - 462003
दूरभाष0755 4535064
आधिकारिक ईमेलshrikrishnapatheynyas@gmail.com
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